IPL में शिखर धवन ने धुआंधार बल्लेबाजी से मचाया गदर ,11 मुकाबलों में 381 रन बनाए

IPL में शिखर धवन ने धुआंधार बल्लेबाजी से मचाया गदर ,11 मुकाबलों में 381 रन बनाए

एक वक्त पर शिखर धवन को टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच विनर्स की कैटेगरी में रखा जाता था।  रोहित शर्मा के साथ इनकी जोड़ी खूब जमती थी। फिर धीरे - धीरे शिखर धवन टीम इंडिया से दूर होते चले गए। पहले रेड बॉल क्रिकेट से दूर होने के बाद धवन  को टी-20 वर्ल्ड कप टीम  से भी दूर किया गया । धवन को चाहने वाले कई लोगों को लगने लगा कि शायद अब 36 वर्षीय शिखर के लिए टीम इंडिया में वापसी संभव नहीं होगी। तमाम मुश्किल हालात के बीच पंजाब किंग्स के आईपीएल में नई शुरुआत करते हुए शिखर धवन इस सीजन में खेले 11 मुकाबलों में 381 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 88 रन रहा है। ICC टूर्नामेंट में धवन का बल्ला शिखर पर होता है। पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप में टीम को ओपनिंग के दौरान शिखर की काफी कमी महसूस हुई थी। शिखर धवन को टीम इंडिया के सबसे शांत खिलाड़ियों में गिना जाता है। कभी नहीं देखा गया है कि मुकाबले के दौरान वह विरोधी खिलाड़ियों से भिड़ जाएं।  बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन का प्रदर्शन इस IPL सीजन में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। बाउंसर खेलने के दौरान ईशान खासे असहज नजर आए हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बाउंसी विकेट पर वह मुश्किलों का सामना कर सकते हैं। इसे देखते हुए चयनकर्ता ईशान के ऊपर धवन को प्राथमिकता दे सकते हैं।

IPL में हर बार धवन का दमदार प्रदर्शन रहता हैं 

शिखर धवन उन खिलाड़ियों से एक हैं जो कभी अपनी सफलता का शोर नहीं मचाया। उनके आंकड़ों बात कुछ और ही हैं  कि गब्बर ने IPL में खामोशी के साथ साल दर साल अपनी परफॉर्मेंस में सुधार किया है। साल 2016 से लेकर 2021 तक हर सीजन में शिखर ने तक़रीबन 500 रन बनाए हैं। इस मामले में वह टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा से कहीं आगे हैं। शिखर धवन को जब लास्ट टाइम टी-20 वर्ल्ड कप टीम में नहीं लिया गया, तो वह साधारण दर्शक की तरह भारत - पाकिस्तान का मैच देखने के लिए पहुंच गए।

धोनी के साथ भी धवन का परफॉर्मेंस

शिखर धवन ने विकेटकीपर बैटर के तौर पर खेलना शुरू किया। बेस्ट प्रदर्शन के बलबूते पर अंडर-19 वर्ल्ड कप में 505 रन बनाने के बाद गब्बर ने रणजी ट्राफी में भी भाग लिया । इसके बाद उन्हें चैलेंजर टीम में शामिल किया गया। इस दौरान शिखर धवन और महेंद्र सिंह धोनी ने साथ मिलकर ओपनिंग की थी। सीरीज के दूसरे मैच में शिखर और धोनी ने मिलकर 246 रन बनाए थे । दोनों ही बल्लेबाजों ने शानदार शतक बनाकर अपना दमदार प्रदर्शन  दिखाया था। इस प्रदर्शन के बलबूते पर शिखर ने इंडिया ए टीम में शामिल होकर अपनी जगह बनाई। शिखर धवन मानते हैं कि सपने को कोई जादू सच्चाई मेंबदल नहीं सकता। इसके लिए संघर्ष करना पड़ता हैं। 

IPL 2021 के पहले फेज में शिखर धवन ने कमाल की बल्लेबाजी की थी और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल थे। इसके बावजूद उन्हें भारत की टी-20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल नहीं किया गया था ।दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में उन्हें मौका मिला था और वनडे सीरीज में उन्होंने प्रभावित भी किया था, लेकिन श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज में वे नहीं खेले। टी-20 विश्व कप को लेकर अपने प्लान के बारे में बात करते हुए धवन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'टी-20 विश्व कप आ रहा है। मुझे पता है कि अगर IPL में मैं अच्छा करता हूं तो मैं टीम में जगह बना सकता हूं। मैं पूरी तरह से प्रोसेस में यकीन करने वाला व्यक्ति हूं। मैं टारगेट तय नहीं तय करता। जब तक मैं अपने खेल का मजा ले रहा हूं, यह मेरे लिए सबसे बेहतर तरीके से काम करता है। मैं इसी स्थिति में हूं।'

मुश्नकिल दौर में कभी नहीं मानी हार

भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का मानना है कि उनके करियर के प्रत्येक मुश्किल दौर ने उन्हें मजबूत बनाया है। अपने मन की स्पष्टता और शांत स्वभाव के कारण वह इससे पार पा सके। भारतीय वनडे टीम में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी धवन की घरेलू क्रिकेट में खराब फॉर्म को लेकर काफी बातें की गईं, लेकिन उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 19 जनवरी, 2022 को पहले वनडे में 79 रन बनाकर शानदार वापसी की। धवन साफ करते हैं कि वह मीडिया की अपने बारे में बनाई जा रही राय को देखते-सुनते नहीं हैं। उन्हें पता है कि खेल में उतार चढ़ाव आएंगे और यह हर किसी के जीवन का हिस्सा है। वह मानते हैं कि उनके करियर में कुछ भी पहली या आखिरी बार नहीं हो रहा। ऐसा होता रहा है और आगे भी होगा।  धवन ने 2022 के जनवरी में अफ्रीकी दौरे पर जाने से पहले विजय हजारे ट्राफी के पांच मैचों में शून्य, 12, 14, 18 और 12 रन बनाए थे। उनके टीम चयन को लेकर सवाल उठे। तब उन्होंने बड़ी पारी खेलकर आलोचकों का मुंह बंद किया। उन्होंने साउथ अफ्रीका में खेले 4 वनडे मैचों में 44.75 की औसत से 179 रन बनाए। पहले वनडे में 79 रन की पारी खेली। दूसरे में 29 रन और तीसरे मैच में 61 रन और चौथे मैच में 10 रन बनाए।शिखर कहते हैं, 'मुझे टीम से बाहर करने की बातें अक्सर होती हैं, लेकिन मैं इन पर ध्यान नहीं देता।' 

वह इतना जानते हैं कि उन्हें बेस्ट परफॉर्म करना है और इसके लिए तैयारी में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़नी है। धवन को अपने अनुभव और आत्मविश्वास पर बहुत भरोसा है। उन्हें एहसास है कि जब तक वह क्रिकेट खेल रहे हैं, तब तक उन्हें फिट रहकर लगातार रन बनाने होंगे। धवन भारत की टी-20 और टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। इस वजह से BCCI ने केन्द्रीय अनुबंध में भी उन्हें अब C कैटेगरी में रखा है। इस बारे में धवन का कहना कि वो टी-20 और टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन IPL खेलना एक अच्छा मौका है। उन्हें वहां से अच्छा खासा पैसा मिला रहा है। उन्होंने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। पिछले 10 सालों में वो कई बार टीम से बाहर होने की कागार पर आए, लेकिन अब वो परिपक्व हो चुके हैं और इन चीजों को अलग तरीके से देखते हैं। वो किसी के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते। अब वो योगदान देने में यकीन करते हैं।


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